यमन की सेना ने तइज़ के अल-मिसराख जिले में हूती मिलिशिया के खिलाफ हमला तेज किया और कई ठिकानों को निशाना बनाया

तइज़ (यमन): यमन की सरकारी सेना ने तइज़ के दक्षिण में स्थित अल-मिसराख जिले में हूती मिलिशिया के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है। 16 अक्टूबर 2026 को मिली जानकारी के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच इस इलाके में हिंसक झड़पें जारी हैं।
सैन्य अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल अल-अकरुद, जबल दह्हीह और कहलान इलाकों में मुकाबला चल रहा है। जमीन पर सेना के अभियानों को सैन्य विमानों और ड्रोन्स के जरिए मदद दी जा रही है। सरकार की सेना ने दावा किया है कि उन्होंने हूती ठिकानों पर बड़े हमले किए हैं और अल-अकरुद व अश-शकाब एक्सिस पर हुए हमलों को नाकाम कर दिया है।
इस युद्ध के बीच तइज़ में मानवीय हालात बेहद खराब हो गए हैं। संयुक्त राष्ट्र माइग्रेशन एजेंसी की प्रवक्ता जोई ब्रेनन के मुताबिक, पूरे देश में विस्थापित हुए 233,077 लोगों में से 121,530 लोग अकेले तइज़ प्रांत के हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। डब्ल्यूएचओ के प्रवक्ता तारिक जाशारेविक ने चेतावनी दी है कि तइज़ के 12 अस्पतालों में ऑक्सीजन, दवाइयों और ईंधन की भारी कमी हो गई है। सड़कों के बंद होने की वजह से आपातकालीन रसद पहुंचाना मुश्किल हो रहा है।
दूसरी तरफ, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने बताया कि उन्होंने रियाद के पास तीन ड्रोन, लाल सागर के ऊपर दो क्रूज मिसाइलें और यनबू की ओर बढ़ रही एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोका है। यमन के सूचना मंत्री मोअम्मर अल-एरियानी ने अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मिसाइल हमले की खबर दी है, हालांकि सभी यात्री और क्रू सुरक्षित बताए गए हैं।
इन हमलों के बीच ईरान के विदेश मंत्रालय ने अपनी संलिप्तता से इनकार किया है। ईरान ने कहा है कि वह शांतिपूर्ण समाधान निकालने में मदद करने के लिए तैयार है।