यमन सेना ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ 749 ऑपरेशन चलाकर कई कमांडरों को किया ढेर
यमन की सेना ने 'डॉन ऑफ यमन' अभियान के तहत हूती विद्रोहियों के खिलाफ 749 ऑपरेशन किए, जिसमें कई कमांडर मारे गए।

सना: यमन की सरकारी सेना ने हूती विद्रोहियों की सैन्य क्षमता को खत्म करने के लिए पिछले 24 घंटों में 749 टारगेटेड ऑपरेशन किए हैं। सेना के प्रवक्ता कर्नल माजिद अब्दुल्ला अल-नुजैल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि इन हमलों में 239 हूती कमांडर और लड़ाके मारे गए हैं।
इन सैन्य कार्रवाइयों के दौरान 117 सैन्य वाहनों और युद्ध उपकरणों को नष्ट या क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। सेना ने हूती कमांड सेंटरों, किलाबंदी, फायरिंग पोजीशन और सप्लाई रूट को निशाना बनाया है। इससे हूतियों के फील्ड कमांड ऑपरेशंस में बाधा आई है और मोर्चे पर नई रसद पहुंचना रुक गया है।
ये हमले 'डॉन ऑफ यमन' अभियान का हिस्सा हैं, जिसकी शुरुआत 5 अक्टूबर 2026 को प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के चेयरमैन रशाद अल-अलीमी ने की थी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य राजधानी सना पर दोबारा कब्जा करना और सरकारी संस्थानों को बहाल करना है। इस मुहिम में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन का समर्थन मिल रहा है, जो हूती ठिकानों पर हवाई हमले कर रहा है।
फिलहाल अल-जौफ, मारिब, अल-बयदा और दक्षिणी व दक्षिण-पश्चिमी इलाकों में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसके अलावा ताइज़ और होदेइदा प्रांतों में भी जमीनी झड़पें जारी हैं। इससे पहले 27 अक्टूबर को सेना ने 1,382 हमलों का दावा किया था, जिसमें करीब 440 हूती लड़ाके मारे गए थे और ताइज़ में बढ़त हासिल हुई थी।
दूसरी तरफ, यमन नेटवर्क फॉर राइट्स एंड फ्रीडम ने ताइज़ में पिछले 48 घंटों में हूतियों द्वारा किए गए 75 अपराधों का दस्तावेजीकरण किया है। इसमें स्नाइपर फायरिंग और रिहायशी इलाकों में गोलाबारी से नौ नागरिकों की मौत हो गई, जिनमें तीन बच्चे शामिल हैं। इस हिंसा में 11 बच्चों समेत 24 अन्य लोग घायल हुए हैं।
हताहतों की संख्या और सैन्य सफलताओं से जुड़े इन आधिकारिक दावों की स्वतंत्र स्रोतों द्वारा अभी पुष्टि नहीं की गई है।