यमन सेना ने तइज़ में हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला नाकाम किया
यमन की सरकारी सेना ने तइज़ के अल-अकरुद मोर्चे पर हूती विद्रोहियों के बड़े हमले को नाकाम कर दिया है। इस दौरान कई हूती लड़ाके मारे गए।

तइज़ (यमन): यमन की सरकारी सेना और लोकप्रिय प्रतिरोध के लड़ाकों ने तइज़ के अल-अकरुद मोर्चे पर हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए एक बड़े हमले को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है। सेना से जुड़े 'सितंबर नेट' के हवाले से सैन्य सूत्रों ने पुष्टि की है कि भीषण मुठभेड़ के बाद सरकारी सैनिकों ने हूती बलों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।
यह सैन्य कार्रवाई 'डॉन ऑफ यमन' अभियान का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत 5 अक्टूबर 2026 को हुई थी। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य सरकारी संस्थानों और राजधानी सना पर दोबारा नियंत्रण पाना है।
पिछले 24 घंटों की रिपोर्ट के मुताबिक, यमन की सरकारी सेना ने कुल 322 सैन्य अभियान चलाए। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इन मुठभेड़ों में 64 हूती लड़ाके मारे गए और उनके 16 सैन्य वाहनों को नष्ट या बेकार कर दिया गया।
हिंसा का यह दौर अब कई अन्य मोर्चों पर भी फैल गया है। लहज क्षेत्र के मकतेराह, अल-सवाला और अल-ज़रीक इलाकों में भी झड़पें तेज हो गई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, हूती बलों ने तइज़ प्रांत के दक्षिणी मोर्चे की ओर गश्ती वाहनों और एक टैंक सहित अतिरिक्त सैन्य कुमुक भेजी है।
इस संघर्ष के बीच आम नागरिक भी निशाने पर हैं। हयफ़ान जिले के अल-अथविर इलाके में हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए मिसाइल हमले में आठ नागरिक हताहत हुए हैं, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा हूती सैन्य क्षमताओं को खत्म करने के लिए हवाई सहायता और सटीक हमले जारी रखे गए हैं। दूसरी ओर, तइज़ मोर्चे पर मिली इस विफलता को लेकर हूती आंदोलन की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।