Yemeni Forces Taiz: यमन में हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला नाकाम, कई लड़ाके ढेर

यमन के ताइज़ प्रांत में सुरक्षा और शांति को बहाल करने की दिशा में सरकारी बलों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। हाल ही में, यमन के सरकारी बलों ने ताइज़ प्रांत के विभिन्न मोर्चों पर हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए बड़े पैमाने के हमलों को सफलतापूर्वक विफल कर दिया है। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच भारी गोलाबारी और संघर्ष देखने को मिला, जिसमें हूती विद्रोहियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह झड़पें तब शुरू हुईं जब हूती लड़ाकों ने सुनियोजित तरीके से कई इलाकों में आक्रामक रुख अपनाया। सशस्त्र बलों के मीडिया सेंटर और ताइज़ मिलिट्री एक्सिस से मिली रिपोर्ट्स के मुताबिक, अकेले अल-अक्रूद मोर्च पर कम से कम 30 हूती मिलिशिया मारे गए, जबकि दर्जनों अन्य घायल हुए या पकड़े गए। इस भीषण कार्रवाई में कई हूती फील्ड कमांडरों के भी मारे जाने की पुष्टि की गई है, जिससे विद्रोही गुट की कमर टूट गई है।
कई मोर्चों पर हुई भीषण झड़पें
यह संघर्ष ताइज़ के कई प्रमुख क्षेत्रों में फैला हुआ था। लड़ाई के मुख्य केंद्रों में जबल हबाशी जिले के बानी बकारी, मक़बाना जिले के हुमैर और अल-मिसराख जिले का अल-अक्रूद मोर्चा शामिल था। इसके अलावा, ताइज़ शहर के उत्तरी और पूर्वी क्षेत्रों के साथ-साथ अल-कदाहा और जबल हान में भी दोनों पक्षों के बीच तीव्र संघर्ष चला। हूती विद्रोहियों ने भारी गोलाबारी और ड्रोन का इस्तेमाल किया, लेकिन सरकारी जवानों ने उनके हर नापाक मंसूबों को नाकाम कर दिया।
गठबंधन सेना की एयरस्ट्राइक
जमीनी कार्रवाइयों को समर्थन देते हुए, सऊदी नीत गठबंधन सेना के युद्धक विमानों ने भी इस दौरान आक्रामक रुख अपनाया। ताइज़ के दक्षिण-पूर्वी हिस्से और हुमैर मोर्चे पर हूती ठिकानों और उनकी सुदृढ़ीकरण इकाइयों को निशाना बनाकर कम से कम छह हवाई हमले किए गए। इन एयरस्ट्राइक्स के कारण हूती मिलिशिया को हथियारों और साजो-सामान का भारी नुकसान झेलना पड़ा।
नेतृत्व की प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति
इस पूरे घटनाक्रम और सुरक्षा हालात को लेकर प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के अध्यक्ष और यमनी सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर डॉ. रशाद मोहम्मद अल-अलिमी ने उच्च स्तरीय बैठकें कीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यमनी सशस्त्र बल, लोकप्रिय प्रतिरोध और गठबंधन वायु सेना के समर्थन से, देश में संघर्ष को समाप्त करने और शांति स्थापित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। हालांकि इन झड़पों और भारी नुकसान पर हूती प्रतिनिधियों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इस कार्रवाई ने क्षेत्र में सुरक्षा बलों की स्थिति को और मजबूत कर दिया है।