तइज़ में हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला नाकाम, सरकारी सेना ने दिया करारा जवाब
यमन के तइज़ प्रांत में सरकारी सेना ने हूती विद्रोहियों के बड़े हमले को नाकाम किया, जिसमें दर्जनों हूती लड़ाके मारे गए।

तइज़ (यमन): यमन की सरकारी सेना और स्थानीय प्रतिरोध इकाइयों ने तइज़ प्रांत के अल-अकरौद मोर्चे पर हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए एक बड़े हमले को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है। 5 नवंबर, 2026 को हुए इस संघर्ष में हूती विद्रोहियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा और उनके दर्जनों लड़ाके मारे गए।
यह सैन्य मुठभेड़ हम्मा, अल-कुरीफ, रास अल-नकिल और अल-कहफा अक्षों पर करीब चार घंटे तक चली। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच भीषण गोलाबारी और आमने-सामने की जंग हुई। गुरुवार को तइज़ के विभिन्न हिस्सों में तनाव और सैन्य गतिविधियों में काफी बढ़ोतरी देखी गई।
तइज़ मिलिट्री एक्सिस मीडिया सेंटर ने पुष्टि की है कि सरकारी बलों ने कई विशेष ऑपरेशंस और हवाई हमले किए। इन हमलों में हूती विद्रोहियों के ठिकानों और उनके वाहनों के जमावड़े को निशाना बनाया गया, जिससे उन्हें भारी जन और भौतिक क्षति हुई।
इसके अलावा, यमनी सेना के ड्रोन ने भी हूती ठिकानों पर सटीक हमले किए। सेना ने बताया कि उन्हें कहलान और सब्र मोर्चों पर रणनीतिक बढ़त हासिल हुई है। वहीं, जबल हबाशी और अल-बायरीन मोर्चों पर भी झड़पें जारी रहीं।
युद्ध के बीच तइज़ में मानवीय स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। मानवाधिकार रिपोर्टों के मुताबिक, हूती विद्रोहियों द्वारा लगाए गए नाकाबंदी और रिहायशी इलाकों में लगातार हो रही गोलाबारी से आम लोगों का जीवन मुश्किल हो गया है।
शहर में कचरे के ढेर जमा होने और मलबे को हटाने पर हूती प्रतिबंधों के कारण संक्रामक और श्वसन संबंधी बीमारियां फैल रही हैं। स्थानीय निवासियों की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।