Yemen Crisis: यमनी सरकारी सेना ने हुदैदाह के हेस जिले पर किया पूरा कब्जा, भीषण संघर्ष में दर्जनों की मौत

यमीनी सरकारी बलों ने शनिवार, 5 सितंबर 2026 को एक बड़े सैन्य अभियान के बाद हुदैदाह प्रांत के हेस जिले पर पूरी तरह से अपना नियंत्रण हासिल कर लिया है। सैन्य सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई में हेस शहर और इसके आसपास के ग्रामीण इलाके पूरी तरह से मुक्त करा लिए गए हैं, जो पहले विद्रोही हुथी गुट के प्रभाव में थे। सरकार समर्थक बलों के प्रवक्ता वदाह डोबिश ने पुष्टि की है कि अल-बारह जंक्शन के पास सरकारी सैनिकों ने आतंकवादियों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया और इस झड़प में दर्जनों लड़ाके मारे गए या घायल हुए हैं।
युद्धविराम टूटने के बाद बढ़ा तनाव
जुलाई 2026 में संयुक्त राष्ट्र के समर्थन वाले युद्धविराम के टूटने के बाद से इस पश्चिमी क्षेत्र में हिंसा काफी बढ़ गई है। सैन्य और चिकित्सा आंकड़ों के मुताबिक, केवल 5 सितंबर को हुई भारी गोलीबारी और झड़पों में कुल 60 से अधिक लोगों की जान चली गई, जिसमें 26 सरकारी सैनिक और 31 हुथी विद्रोही शामिल थे। पश्चिमी यमन के हुदैदाह और तािज़ प्रांतों में इस गंभीर स्थिति के कारण हालात बेहद खराब हो गए हैं और वहां के आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मानवीय संकट और राहत की अपील
हिंसा के कारण हजारों की संख्या में आम लोग अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हुए हैं, जिससे इलाके में बड़ा मानवीय संकट खड़ा हो गया है। इसे देखते हुए यमन के श्रम और सामाजिक मामलों के मंत्रालय ने विस्थापित नागरिकों की मदद के लिए तत्काल सहायता की अपील जारी की है। लड़ाई का दायरा अब और बढ़ गया है और सरकारी सेना ने दक्षिणी हुदैदाह के अल गर्राही जिले में भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है, ताकि विद्रोहियों के अन्य ठिकानों को भी समाप्त किया जा सके।
रणनीतिक रूप से बेहद अहम है हेस जिला
रणनीतिक तौर पर हेस जिले का नियंत्रण मिलना सरकार के लिए बहुत जरूरी था, क्योंकि यह जाबिद, अल-जराही और इब्न तथा सना की ओर जाने वाले अंदरूनी रास्तों के लिए मुख्य सप्लाई लाइन का काम करता है। जमीनी कार्रवाई को मजबूत करने के लिए यमनी वायु सेना ने तटीय मोर्चों पर हुथी ठिकानों, वाहनों और लोगों के समूहों को निशाना बनाते हुए 15 से अधिक हवाई हमले किए। हालांकि इस पूरे संघर्ष की चपेट में आम लोग भी आ रहे हैं, जिसमें तािज़ में एक बस पर हुए मिसाइल हमले में 6 लोगों की मौत और 7 घायल हो गए, जबकि एक अन्य सड़क हादसे जैसी घटना में 4 लोगों की जान चली गई और 9 लोग घायल हो गए।