Yemen Crisis: अल-हज़्म के पास यमनी सेना ने हूती ठिकानों पर बोला हमला, बढ़ गया तनाव

यमन में चल रहे संघर्ष के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ सरकारी सेना ने बुधवार, 23 सितंबर 2026 को एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया। इस कार्रवाई के दौरान अल-जौफ गवर्नरट की राजधानी अल-हज़्म के पूर्व में स्थित मोर्चों पर हूती ठिकानों को निशाना बनाया गया और जोरदार गोलाबारी की गई। क्षेत्रीय आधिकारिक रिपोर्ट्स से इस बात की पुष्टि की गई है कि यह हमला देश के कई मोर्चों पर चल रही तीव्र सैन्य गतिविधियों का ही एक हिस्सा है।
क्षेत्र में बढ़ता हवाई हमला और हिंसक झड़पें
यह सैन्य कार्रवाई यमन में क्षेत्रीय हिंसा के अचानक बढ़े दायरे के बीच हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 23 सितंबर को समाप्त हुए 24 घंटों के भीतर यमन भर में सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन द्वारा 160 से अधिक एयरस्ट्राइक और मिसाइल हमले किए गए। इन सैन्य अभियानों में मुख्य रूप से अल-जौफ, मारिब और ताइज के इलाकों को टारगेट किया गया क्योंकि सरकारी सेनाएं इलाके पर दोबारा नियंत्रण पाने और हूती विद्रोहियों के सप्लाई रूट को बाधित करने की कोशिश में जुटी हैं.
बढ़ती स्थिति को देखते हुए हूती सैन्य सलाहकार आबेद मोहम्मद अल-थौर ने 23 सितंबर को एक कड़ी चेतावनी जारी की। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन का समर्थन करने के लिए सैन्य रूप से हस्तक्षेप करता है या बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने की कोशिश करता है, तो उनका समूह अमेरिकी हितों को वैध लक्ष्य मानेगा। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का माहौल है, क्योंकि संयुक्त राष्ट्र के यमन के लिए विशेष दूत ने पहले ही 10 सितंबर 2026 को आगाह किया था कि यह संघर्ष एक खतरनाक नए चरण में प्रवेश कर चुका है.
कुछ इलाकों में नजर आई सतर्क शांति
देश के कई हिस्सों में अभी भी संघर्ष जारी है, लेकिन ताएज और लाहिज मोर्चों जैसे कुछ क्षेत्रों में सतर्क शांति देखने को मिली है। हाल ही में सरकारी बलों ने माउंट करफान पर अपना नियंत्रण सफलताપૂર્વक सुरक्षित कर लिया है। उत्तरी यमन में परिवहन मार्गों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र होने के कारण अल-हज़्म शहर की रणनीतिक अहमियत दोनों पक्षों के लिए बहुत ज्यादा बनी हुई है और इसी वजह से यह क्षेत्र संघर्ष का मुख्य केंद्र बना हुआ है.