Yemen Crisis: उत्तरी Marib में Yemeni बलों की बड़ी कार्रवाई, Houthi विद्रोहियों के ठिकाने तबाह.

यमन के Marib गवर्नरट में सरकारी सैनिकों ने एक बड़ी सैन्य कार्रवाई करते हुए हौथी विद्रोहियों के ठिकानों पर जोरदार हमला किया है। इस tactical strike के दौरान यमन की सरकारी सेना ने हौथियो के artillery units और ammunition depot को पूरी तरह से निशाना बनाया और उन्हें नष्ट कर दिया। यह सैन्य कार्रवाई यमन के oil-rich Marib क्षेत्र में चल रहे व्यापक सैन्य अभियान का एक अहम हिस्सा है, जहाँ सऊदी नीत गठबंधन के समर्थन से यमन के सैनिक हौथी विद्रोहियों के लगातार बढ़ते हमलों का डटकर मुकाबला कर रहे हैं। यमन में चल रहा यह गृहयुद्ध इस समय दुनिया के सबसे खतरनाक और तीव्र संघर्षों में से एक बन चुका है, जिसका असर आम जनजीवन पर बहुत भारी पड़ रहा है।
हिंसा में भारी नुकसान और आम नागरिकों पर असर
सेना से मिले ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 20 सितंबर से 22 सितंबर के बीच यमन के अलग-अलग प्रांतों में हुई हिंसक झड़पों में लगभग 154 लोगों की जान जा चुकी है। हौथी विद्रोहियों से जुड़े सूत्रों ने अपनी तरफ से 118 लोगों की मौत होने की बात कही है, जबकि यमन की सरकारी सेना के अधिकारियों ने इस अवधि के दौरान अपने 36 जवानों के शहीद होने की आधिकारिक पुष्टि की है। ReliefWeb द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस बढ़ते संघर्ष और हिंसा की वजह से सितंबर महीने की शुरुआत से लेकर अब तक 130,000 से अधिक लोग अपने घरों को छोड़ने के लिए मजबूर हो चुके हैं और विस्थापित जीवन जी रहे हैं।
सुरक्षा बलों का कड़ा मुकाबला और अंतरराष्ट्रीय समर्थन
सैन्य अधिकारियों ने यह भी बताया है कि यमन की सेना दक्षिणी Faliha क्षेत्र में हौथी विद्रोहियों द्वारा घुसपैठ की हर कोशिश को नाकाम कर रही है। इस बीच, हिंसा को और अधिक बढ़ता देख ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय यानी UK Ministry of Defense ने 22 सितंबर 2026 को यह ऐलान किया कि वह सऊदी अरब को पूरी सुरक्षात्मक सहायता प्रदान करेगा। इस सहायता के तहत, ब्रिटेन की वायु सेना एक RAF Voyager विमान तैनात करेगी ताकि यमन की वैध सरकार के रक्षा अभियानों में मदद की जा सके। दूसरी तरफ, हौथी प्रवक्ता Yahya Saree ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए जवाबी कार्रवाई करने की धमकी दी है और दावा किया है कि गठबंधन सेना ने चार अलग-अलग प्रांतों में कुल 157 हवाई हमले किए हैं। आप इस पूरी स्थिति के बारे में अधिक जानकारी ReliefWeb Report पर जाकर पढ़ सकते हैं।