यमन की सेना ने ताइज के अलग-अलग मोर्चों पर हूती ठिकानों और हथियारों के गोदामों को निशाना बनाकर भारी बमबारी की

ताइज: यमन की सशस्त्र सेनाओं ने दक्षिण ताइज के अल-अकरुद, अल-शाकब और अल-सरारी मोर्चों पर हूती लड़ाकों के जमावड़े, सैन्य वाहनों और हथियारों के भंडारों पर जोरदार हमले किए हैं। 19 अक्टूबर 2026 को रिपोर्ट किए गए ये हमले 'ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन' नाम के एक बड़े अभियान का हिस्सा हैं।
सरकारी बलों और पॉपुलर रेजिस्टेंस ने 18 अक्टूबर से पहले के 24 घंटों के भीतर हूती ठिकानों पर कुल 1,326 हमले किए। इन कार्रवाइयों में करीब 370 हूती मिलिशिया सदस्य मारे गए और उनके काफी सैन्य हार्डवेयर को नष्ट कर दिया गया।
रणनीतिक बढ़त बनाते हुए यमन की सेना और पॉपुलर रेजिस्टेंस ने कई ठिकानों पर कब्जा कर लिया है और भारी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं। अल-शाकब मोर्चे पर 16 अक्टूबर को सरकारी बलों ने हूतियों के एक बड़े हमले को नाकाम कर दिया, जिसमें 16 हूती लड़ाके मारे गए।
ताइज के पश्चिमी मोर्चे पर स्थिति फिलहाल शांत है और 18 अक्टूबर की सुबह से वहां केवल रुक-रुक कर झड़पें हुई हैं। हालांकि, इस लड़ाई का आम जनता पर बुरा असर पड़ रहा है। सप्लाई रूट बंद होने से लोगों के लिए खाना, पानी और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचना मुश्किल हो गया है।
सितंबर की शुरुआत में पश्चिमी तट पर फिर से शुरू हुई लड़ाई की वजह से बड़ी संख्या में नागरिक विस्थापित हुए हैं। इस बीच, यमन सशस्त्र बलों के प्रवक्ता ने कहा कि सभी हमले केवल वैध सैन्य लक्ष्यों पर किए गए थे।
दूसरी ओर, ऐसी खबरें हैं कि सऊदी अरब ने ताइज शहर और उसके आसपास सभी हवाई उड़ानों को निलंबित कर दिया है। हवाई समर्थन वापस लेने से सऊदी समर्थित गुटों के बीच चिंता बढ़ गई है। ताइज के गवर्नर नबील शम्सान ने बताया कि सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन से शक्ति संतुलन बदलने के लिए अतिरिक्त हथियारों और उपकरणों की मांग की गई थी, लेकिन इसे खारिज कर दिया गया।