ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन, अल-महाविला में हूती वाहन तबाह. अब फिर कभी भी सऊदी पर हो सकता हैं हमला.

यमन: यमनी सेना ने 13 अक्टूबर 2026 को अल-महाविला मोर्चे पर एक लक्षित हमले में हूती मिलिशिया का एक वाहन नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई 'ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन' के व्यापक ढांचे का हिस्सा बताई गई है।
इस हमले को नेशनल शील्ड फोर्सेज की पहली डिवीजन ने अंजाम दिया। सेना के मुताबिक इसका मकसद हूती विद्रोहियों के रक्षात्मक ढांचे और सैन्य ठिकानों को कमजोर करना है।
ऑपरेशन की शुरुआत और मकसद
'ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन' की शुरुआत 4 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रपति रशाद अल-अलीमी ने की थी, जो यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के अध्यक्ष हैं। अभियान के घोषित लक्ष्य राज्य की संस्थाओं को फिर से स्थापित करना, राजधानी सना को आज़ाद कराना और हूती तख्तापलट को आधिकारिक रूप से खत्म करना बताए गए हैं।
अब तक के आंकड़े
यमनी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता कर्नल माजिद अल-नुज़ैली ने 12 अक्टूबर 2026 तक की जानकारी दी। उनके अनुसार इस अभियान में हूती सैन्य ठिकानों के खिलाफ अब तक 1,732 लक्षित मिशन चलाए गए हैं। इन कार्रवाइयों में लगभग 950 हूती लड़ाके बेअसर किए गए और करीब 380 सैन्य वाहन नष्ट हुए।
सेना के मुताबिक अभियान की रणनीति अब हूती सैन्य व्यवस्था के एकीकृत ढांचे को तोड़ने पर केंद्रित है। इसमें कमांड और कंट्रोल सेंटर, आपूर्ति मार्ग और हथियारों के भंडार शामिल हैं।
सऊदी गठबंधन का समर्थन और मोर्चे
सऊदी अरब की अगुवाई वाले गठबंधन की ओर से मेजर जनरल तुर्की अल-माल्की ने बताया कि गठबंधन यमनी सशस्त्र बलों को पूरा परिचालन समर्थन दे रहा है। कई मोर्चों पर सैन्य उपलब्धियों की खबर है, जिनमें बाब अल-मंदब का तटीय इलाका और मयून द्वीप प्रमुख हैं।
सेना का कहना है कि इन इलाकों में इलाके पर नियंत्रण मजबूत करने और हूती हथियारों के ढांचे को खत्म करने का काम जारी है। फिलहाल अभियान का अगला चरण क्या होगा, इस पर आधिकारिक तौर पर और जानकारी का इंतज़ार है।