Yemen News: अल-बायदा में यमनी बलों ने हूती ठिकानों को किया तबाह, मिसाइल प्लेटफॉर्म और हथियार गोदाम खाक

यमन में क्षेत्रीय तनाव के बीच सरकारी बलों ने बड़ी सैन्य कार्रवाई को अंजाम देते हुए हूती विद्रोहियों के कई ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया है। 20 सितंबर 2026 को हुई इस कार्रवाई में यमनी सेना ने अल-बायदा प्रांत में हूती ताकतों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। सैन्य प्रवक्ता Majed al-Nazili ने इस बात की पुष्टि करते हुए वीडियो सबूत भी जारी किए हैं, जिसमें हूती मिसाइल लॉन्च प्लेटफॉर्म, एक आधुनिक संचार प्रणाली और सैन्य उपकरणों से भरे गोदामों को पूरी तरह नष्ट होते हुए देखा जा सकता है। अप्रैल 2022 में हुए संयुक्त राष्ट्र समर्थित संघर्षविराम के बाद से यह दौर सबसे गंभीर तनाव माना जा रहा है, जो जुलाई की शुरुआत से लगातार जारी है।
ताइज़ फ्रंट पर गिराया गया हूती ड्रोन
एक अलग सैन्य कार्रवाई में सरकार समर्थित नेशंस शील्ड फोर्सेस की पहली ब्रिगेड ने दक्षिण-पश्चिमी ताइज़ के बाब अल-मदब जलडमरूमध्य के पास कहबूब फ्रंट पर उड़ रहे एक हूती ड्रोन को सफलतापूर्वक मार गिराया। इस इकाई ने मार गिराए गए ड्रोन के मलबे का वीडियो फुटेज भी सार्वजनिक किया है। हालांकि ताइज़ प्रांत में छिटपुट झड़पें अभी भी जारी हैं, लेकिन मारिब और अल-जावफ प्रांतों से स्थिति के शांत रहने की खबरें सामने आई हैं। इन तमाम हालातों के बीच आम लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं और इस संघर्ष का सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ रहा है।
सरकार का कड़ा रुख और क्षेत्रीय संकट
यमन के प्रधानमंत्री Shaye Mohsen Al-Zandani ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि मैदान पर हो रही ये घटनाएं सरकार को हूती नियंत्रण से राज्य को वापस पाने के उद्देश्य से पीछे नहीं हटा सकती हैं। वहीं देश की विदेश मंत्री Afrah Al-Zouba ने दो टूक कहा कि यमन किसी भी देश के लिए सौदेबाजी का मोहरा नहीं है और उन्होंने हूती सैन्य क्षमताओं को लगातार मिल रहे बाहरी समर्थन की कड़ी निंदा की है। क्षेत्रीय संकट के इस दौर में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी यमन में हूती सैन्य तनाव और सऊदी अरब के नागरिक तथा ऊर्जा बुनियादी ढांचों पर हमलों की कड़ी निंदा की है। सऊदी अधिकारियों ने बताया कि उनके वायु रक्षा तंत्र ने रियाद की तरफ दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही रोक लिया और यानबु, ताइफ़, बायश तथा फरसान में नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के हमलों को नाकाम कर दिया।
विस्थापन का बढ़ता संकट
इस जारी सैन्य संघर्ष का सबसे बुरा असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है और विस्थापन की रफ्तार लगातार बढ़ रही है। यमनी सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर महीने के दौरान इस सैन्य तनाव की वजह से आठ अलग-अलग प्रांतों में लगभग 147,000 लोग बेघर हो चुके हैं। इनमें से सबसे ज्यादा विस्थापित लोग ताइज़ प्रांत में पहुंचे हैं, जहां राहत और बचाव कार्य चलाना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। आम नागरिकों के लिए यह समय बेहद कठिन साबित हो रहा है क्योंकि बुनियादी सुविधाओं का अभाव और लगातार हमलों का डर लोगों को अपना घर छोड़ने पर मजबूर कर रहा है।