Yemen Conflict: अल-जौफ फ्रंट पर यमनी सेना का बड़ा हमला, हूती मिलिशिया के ठिकानों को बनाया निशाना

Praggya Singh sabal22 September 20262 min read1 viewYemen
Yemen Conflict: अल-जौफ फ्रंट पर यमनी सेना का बड़ा हमला, हूती मिलिशिया के ठिकानों को बनाया निशाना

यमन में चल रहे संघर्ष ने एक बार फिर से गंभीर रूप ले लिया है और आम जनता के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 22 सितंबर 2026 को यमनी सैन्य बलों ने अल-जौफ फ्रंट पर हूती मिलिशिया के जमावड़े के खिलाफ सफल हमले किए। इस सैन्य अभियान का मुख्य उद्देश्य ईरान समर्थित हूती समूह की गतिविधियों पर लगाम लगाना है, जिसमें सऊदी के नेतृत्व वाला गठबंधन भी शामिल है। यमनी सशस्त्र बलों के प्रवक्ता कर्नल माजिद अल नुजैली ने हवाई अभियानों की पुष्टि करते हुए बताया कि इन हमलों में हूती गुट के प्रमुख ठिकानों को निशाना बनाया गया है।

हिंसा और गोलाबारी से आम लोगों की बढ़ी मुश्किलें

अल-जौफ के अलावा ताइज और मारिब क्षेत्रों में भी लगातार भीषण झड़पें देखने को मिल रही हैं। हूती सैन्य प्रवक्ता याहया सारे ने दावा किया कि सऊदी युद्धक विमानों ने पिछले 24 घंटों के दौरान इस क्षेत्र में कुल 19 हवाई हमले किए। हूती अधिकारियों का यह भी आरोप है कि इन हमलों की वजह से कई आम नागरिकों की जान गई है, जिसमें एक मां और उसके बच्चे की मौत की बात भी सामने आई है। इसके अलावा अल-जौफ स्थित एक जेल पर हुए हमले में 9 कैदियों के मारे जाने की भी खबर मिली है, जिससे हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं।

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विभिन्न गवर्नरेट में हुई मौतों के आंकड़े और विस्थापन का संकट

क्षेत्रीय रिपोर्टों के अनुसार, पिछले 48 घंटों के दौरान देश के कई गवर्नरेट में हुई हिंसा और संघर्ष में कुल 154 लोगों की मौत हो चुकी है। सरकारी स्रोतों से मिली जानकारी के मुताबिक उनके सैनिकों में 36 मौतें दर्ज की गई हैं, जबकि हूती स्रोतों का दावा है कि उनके गुट के 118 लोग मारे गए हैं। इस लगातार जारी खूनी संघर्ष की वजह से देश में एक बड़ा मानवीय संकट पैदा हो गया है, जिससे आम जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है।

संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी और अंतरराष्ट्रीय दबाव

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्च आयोग (UNHCR) ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि सितंबर के शुरुआती दिनों से चल रही इस हिंसा के कारण 130,000 से अधिक लोगों को अपना घर छोड़कर विस्थापित होना पड़ा है। इस बढ़ते मानवीय संकट को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। जी-7 देशों ने तुरंत प्रभाव से शत्रुता समाप्त करने की अपील की है और ईरान से हूती मिलिशिया को हथियारों की आपूर्ति रोकने का सख्त आग्रह किया है। इस बीच, यूनाइटेड किंगडम ने सऊदी अरब को रक्षात्मक सैन्य सहायता देने का वादा किया है, और संयुक्त राज्य अमेरिका ने भी हूती सैन्य हमलों के खिलाफ सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन का समर्थन करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी आप ReliefWeb Report पर जाकर देख सकते हैं।

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