Yemen: मारिब फ्रंट पर यमनी सेना का बड़ा एक्शन, हूती विद्रोहियों के खिलाफ बनाई नई रणनीति.

Praggya Singh sabal20 September 20262 min read0 viewsYemen
Yemen: मारिब फ्रंट पर यमनी सेना का बड़ा एक्शन, हूती विद्रोहियों के खिलाफ बनाई नई रणनीति.

यमन की सरकार ने मारिब और देश के बाकी हिस्सों में सुरक्षा और सैन्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। 20 सितंबर 2026 को आधिकारिक तौर पर यह ऐलान किया गया कि यमनी सशस्त्र बल अब मारिब और अन्य सभी मोर्चों पर एक एकीकृत कमान संरचना और संयुक्त संचालन कक्ष के तहत काम कर रहे हैं। सर्वोच्च नेतृत्व के निर्देशों के अनुसार यह साझा रणनीति सभी युद्ध क्षेत्रों में आपसी तालमेल और एकजुटता बनाए रखने के लिए तैयार की गई है ताकि विद्रोहियों को मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके।

मारिब फ्रंट पर कड़ी टक्कर और सुरक्षा बल का offensive रुख

यमन के तीसरे सैन्य क्षेत्र के कमांडर मेजर जनरल मंसूर थवाबाह ने 20 सितंबर को स्पष्ट रूप से कहा कि मारिब शहर अभी भी हूती मिलिशिया के कब्जे से पूरी तरह सुरक्षित है और उस पर कोई कब्जा नहीं हुआ है। उन्होंने स्थानीय नागरिकों, वहां के कबीलों, सुरक्षा बलों और स्थानीय प्रतिरोध की गहरी प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए जोर दिया कि अब यमनी सेना ने पूरी तरह से आक्रामक यानी offensive रुख अपना लिया है। यह ताजा बयान सेना की बदली हुई रणनीति को दिखाता है। इससे पहले 13 सितंबर 2026 को यमीनी सेना के सैन्य मीडिया के निदेशक ब्रिगेडियर याहया अल-हातेमी ने भी पुष्टि की थी कि सरकारी सैनिक अब अपने देश की रक्षा के लिए पहले से कहीं अधिक हथियारों से लैस और अनुभवी हो चुके हैं।

हालिया झड़पें और हवाई हमले

बीते 20 सितंबर को सरकारी बलों और हूती लड़ाकों के बीच भयंकर और सीधी झड़पें हुईं। मारिब शहर के पश्चिम में स्थित अल-मशजह मोर्चे पर सरकारी सैनिकों ने आगे बढ़कर हमला किया, जिससे हूती लड़ाकों को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा और इस दौरान उनके कई वाहनों को भी पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा दक्षिणी मोर्चे पर तैनात तोपखाना इकाइयों ने वादी धना और अल-बलक इलाकों में घुसपैठ की तमाम कोशिशों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया। दूसरी ओर, सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन के विमानों यानी एयरस्ट्राइक ने उम्म रिश, अल-जुबा जिले में पूर्व 26वें ब्रिगेड कैंप और हरिब के अकाबा मलाला क्षेत्र में हूती विद्रोहियों की नई तुकड़ियों और उनकी जमावड़े वाली जगहों को निशाना बनाया। इसके अलावा स्थानीय कबीलों के समर्थन से सरकारी बलों ने महत्वपूर्ण रणनीतिक सफलता हासिल करते हुए अल-सुबैहा क्षेत्र के अल-अघबरा मोर्चे पर जबल अल-बाजला, अल-धहोउरा और अल-सयबारा की पहाड़ियों और ठिकानों पर अपना कब्जा जमा लिया है।

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