Yemen में Houthis को लेकर सरकार का बड़ा बयान, देश विरोधी गतिविधियों का लगाया आरोप.

यमन की सरकार ने 27 अगस्त 2026 को एक औपचारिक बयान जारी किया है। इस बयान में Houthi militia को क्षेत्रीय प्रॉक्सी करार दिया गया है। सरकार का कहना है कि यह समूह यमन की सीमाओं से बाहर के एजेंडे पर काम कर रहा है। देश में शांति बहाल करने के लिए इस विद्रोही गुट के कृत्य को रोकना बहुत जरूरी हो गया है। सरकारी अधिकारियों का मानना है कि आम नागरिकों की सुरक्षा और देश की स्थिरता तभी लौट सकती है जब पूरी व्यवस्था को फिर से पटरी पर लाया जाए।
अदम में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक
यह महत्वपूर्ण घोषणा अदम में गुरुवार, 27 अगस्त 2026 को आयोजित यमन की मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद सामने आई। इस बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री Dr. Shayea Mohsen Al-Zindani ने की। सत्र के दौरान, काउंसिल ने मोचा बंदरगाह जैसे आर्थिक बुनियादी ढांचे पर हुए हालिया हमलों की कड़ी निंदा की। विदेश मंत्री Afrah Al-Zouba ने इस बात पर जोर दिया कि देश की संप्रभुता को वापस लाना यमन, खाड़ी क्षेत्र, लाल सागर और बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय ब्लैकमेल का नाम दिया।
सैन्य स्थिति और सुरक्षा के मोर्चे पर तनाव
यमन में सैन्य स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है। गुरुवार को हौथी समूह ने होदेइदाह प्रांत में अल-खवाखह के उत्तर में एक गांव पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों के पास बने द्वीपों को निशाना बनाया। इसी बीच, यमन की नौसेना ने लाल सागर के ऊपर एक हौथी ड्रोन को सफलता पूर्वक रोककर नष्ट कर दिया। ये हमले 26 अगस्त 2026 को हुई घटनाओं के बाद बढ़े हैं, जब हौथियों ने चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। इनमें से तीन मोचा पोर्ट पर और एक अल-खवाखह पर गिरी थी। इन तमाम हालातों के जवाब में यमन की मंत्रिपरिषद ने सशस्त्र बलों और सुरक्षा सेवाओं को आगे के हमलों को रोकने के लिए पूरा समर्थन देने का वादा किया है।