यमन सरकार ने सना और ताइज में हूती ठिकानों पर किए हमले

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन की सरकार ने देश के कई प्रमुख हिस्सों में हूती विद्रोहियों के खिलाफ बड़ा सैन्य कदम उठाया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरकारी सेना ने राजधानी सना, उत्तर-पश्चिम के सादा और दक्षिण-पश्चिम के ताइज प्रांत में हूती ठिकानों को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ हमले किए हैं। इस सैन्य कार्रवाई से क्षेत्र में तनाव एक बार फिर काफी बढ़ गया है।
सैन्य कार्रवाई और प्रमुख ठिकाने
यमन की सेना के प्रवक्ता मेजर माजिद अब्दुल्ला अल-नुजैली ने इस आक्रामक अभियान की पुष्टि करते हुए बताया कि ताइज प्रांत में विशेष रूप से कई सटीक हवाई हमले किए गए। इन हमलों में हूती विद्रोहियों की सैन्य गतिविधियों, रसद और हथियारों के ठिकानों को बड़ा नुकसान पहुंचाया गया है। राजधानी सना के कई इलाकों में भी जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जहां सेना ने कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
यह सैन्य गतिविधि उस समय तेज हुई है जब साल 2022 के संघर्ष विराम के बाद से क्षेत्र में कुछ समय के लिए शांति बनी हुई थी। हालांकि, पिछले कुछ महीनों से हिंसा में लगातार इजाफा देखा जा रहा है, जिससे सामरिक रूप से महत्वपूर्ण इलाकों में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
क्षेत्रीय तनाव और जवाबी कार्रवाई
इस संघर्ष का असर पड़ोसी देशों और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी साफ दिखाई दे रहा है। गठबंधन सेना के अनुसार, संघर्ष के दौरान बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों का भी इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा, लाल सागर और रणनीतिक जलमार्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ती जा रही हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित हो सकता है।
बढ़ते तनाव के बीच यमन सरकार ने आमाम से अपील करते हुए देश में आमामोलबिलाइजेशन (सामान्याम लामबंदी) की घोषणा की है और हूती गुट से नाता तोड़ने वालों के लिए माफी का ऐलान भी किया है। स्थिति अभी भी बेहद संवेदनशील बनी हुई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पर कड़ी नजर रखे हुए है।