हूती मिलिशिया के बढ़ते हमलों को लेकर यमन सरकार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से मदद मांगी और हथियारों की सप्लाई रोकने की अपील की

सना: यमन सरकार ने हूती बलों द्वारा बढ़ाई गई हिंसा और हमलों के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को आधिकारिक संदेश भेजे हैं। सरकार ने सरकारी संस्थानों, सेवा केंद्रों और रिहायशी इलाकों में हूती मिलिशिया द्वारा किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है।
यमन सरकार ने इन हमलों को तुरंत रोकने की मांग की है। साथ ही यह भी कहा है कि इन हमलों के परिणामों के लिए मिलिशिया को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
सरकार ने अपने संदेश में अदन के माशिक राष्ट्रपति महल पर हुए हूती हमले का जिक्र किया है। इस हमले में सुरक्षाकर्मियों के पांच लोग मारे गए और 16 अन्य घायल हुए हैं।
इसके अलावा मारिब में विस्थापित समुदायों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाए जाने की भी निंदा की गई है। तइज़ और लहज प्रांतों के मोहल्लों और आम नागरिकों पर लगातार हो रहे हमलों पर भी चिंता जताई गई है। सरकार ने अदन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बार-बार होने वाले हूती हमलों से निपटने की जरूरत पर भी जोर दिया है।
यमन सरकार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2140 और 2216 को पूरी तरह लागू करने का आग्रह किया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांग की गई है कि वह हूती मिलिशिया तक हथियारों, मिसाइलों और ड्रोन की पहुंच को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए।
सरकार ने अपनी कोशिशों को समर्थन देने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की अपील की है। इसमें सूचनाओं के आदान-प्रदान, तकनीकी सहायता और क्षमता निर्माण जैसे मुद्दे शामिल हैं।