Yemen: बाब अल-मंडब को बताया रेड लाइन, यमनी लीडरशिप काउंसिल ने ईरान समर्थित मिलिशिया को दी कड़ी चेतावनी।

4 सितंबर 2026 को यमनी लीडरशिप काउंसिल के चेयरमैन ने बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर एक बहुत बड़ा और सख्त बयान जारी किया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि इस अहम समुद्री इलाके को किसी भी कीमत पर ईरान समर्थित मिलिशिया के कब्जे में नहीं जाने दिया जाएगा और इसे देश की तरफ से एक पक्की रेड लाइन घोषित किया गया है। सरकार और देश की सेना मिलकर इस इलाके की रक्षा करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
अपने इस संबोधन में चेयरमैन ने देश की आम जनता को भरोसा दिलाया कि हमारी राष्ट्रीय सशस्त्र सेनाएं पूरी एकता के साथ इस लड़ाई को लड़ रही हैं। सेना के पास दुश्मन की हर चाल और उनके इरादों को समझने की पूरी समझ है। यमनी जनता की सामूहिक इच्छाशक्ति और अपने देश तथा सम्मान की रक्षा करने का उनका हौसला इन विरोधी मिलिशिया समूहों के इरादों से कहीं ज्यादा मजबूत है। सरकार का यह रुख साफ करता है कि देश की संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
सेना को नागरिकों की सुरक्षा के लिए कड़े निर्देश
सशस्त्र बलों के सुप्रीम कमांडर के तौर पर चेयरमैन ने सेना को निर्देश दिया कि वे नागरिकों की सुरक्षा और रिहायशी इलाकों को बचाने के लिए सभी जरूरी कदम तुरंत उठाएं। इन निर्देशों में विस्थापित परिवारों को सुरक्षित बाहर निकालना और उनके लिए राहत सामग्री पहुंचाना भी शामिल है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आम नागरिकों की जान बचाना सरकार का सबसे बड़ा और बुनियादी कर्तव्य है। इसके विपरीत उन्होंने मिलिशिया पर आरोप लगाया कि वे अपनी स्वार्थी और लापरवाह सैन्य चालों के लिए आम जनता को केवल ईंधन की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।
आगे की स्थिति को संभालते हुए चेयरमैन ने देश के तमाम राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों, मीडिया और राष्ट्रीय स्तर के गणमान्य लोगों से अपील की कि वे इस बेहद नाजुक समय में अपनी जिम्मेदारी को समझें। उन्होंने इन सभी समूहों से आग्रह किया कि वे देश के अंदरूनी मोर्चे को मजबूत करें, सरकारी संस्थानों पर अपना भरोसा बनाए रखें और मिलिशिया द्वारा फैलाए जा रहे झूठ तथा गद्दारी के झूठे आरोपों के खिलाफ मजबूती से खड़े रहें ताकि यमनी जनता का मनोबल कमजोर न पड़े।