हूती मिलिशिया के अपराधों पर जवाबदेही तय होगी और दोषियों को सजा मिलेगी ऐसा दावा यमनी लीडरशिप काउंसिल के सदस्य ने किया

सना: यमनी लीडरशिप काउंसिल के सदस्य सुल्तान अल-अरादा ने कहा है कि हूती मिलिशिया द्वारा किए गए अपराधों की कोई समय सीमा नहीं होगी। उन्होंने हूती समूह को ईरानी शासन द्वारा समर्थित एक आतंकवादी संगठन बताया और कहा कि इन हमलों से अपनी मातृभूमि की रक्षा और वैध सरकारी संस्थानों को बहाल करने का संकल्प कम नहीं होगा।
यह बयान हाल के दिनों में बढ़ी हिंसा के बीच आया है। 20 अक्टूबर 2026 को शबवा प्रांत के अल-अलम ट्रेनिंग कैंप पर एक विनाशकारी बैलिस्टिक मिसाइल हमला हुआ था। इस हमले में कम से कम 53 से 60 लोगों की मौत हो गई और 200 से अधिक लोग घायल हुए।
शबवा के गवर्नर अवद इब्न अल-वज़ीर ने बताया कि कैंप हमले के शिकार लोग गैर-आक्रामक सुरक्षा भर्ती सदस्य थे। इससे पहले 19 अक्टूबर 2026 को सरकार के नियंत्रण वाले मारिब शहर पर चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई थीं। यह हिंसा 2022 के संघर्ष विराम के टूटने के बाद बढ़ी है।
इन हमलों के जवाब में प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल ने अपना कानूनी रुख कड़ा कर लिया है। 13 अक्टूबर 2026 को काउंसिल ने उन सभी लोगों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए, जिन पर हूती समूह को पैसा देने या उनके साथ सहयोग करने का संदेह है।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मिलिशिया की मदद करने वाले अपराध, खासकर जो राज्य की सुरक्षा को प्रभावित करते हैं, उनके लिए मौत की सजा तक दी जा सकती है। राष्ट्रपति रशाद अल-अलीमी ने हाल के हमलों का कड़ा जवाब देने का वादा किया है।