यमीनी सेना की बड़ी कार्रवाई, 260 हूती लड़ाके ढेर

Nura Basta4 October 20262 min read0 viewsYemen
यमीनी सेना की बड़ी कार्रवाई, 260 हूती लड़ाके ढेर

यमन में चल रहे संघर्ष के बीच एक बड़ी सैन्य सफलता सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमीनी सशस्त्र बलों ने देश के विभिन्न मोर्चों पर हूती विद्रोहियों के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को और तेज कर दिया है। हाल ही में मिली जानकारी के अनुसार, यमीनी सेना ने सटीक हमलों के जरिए बड़ी संख्या में विद्रोहियों को नुकसान पहुंचाया है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है।

ताइज़ और तुर अल-बाहा में कड़ा प्रहार

सैन्य प्रवक्ता कर्नल माजिद अब्दुल्ला अल-नुजैली ने पुष्टि की है कि हालिया अभियानों के दौरान कुल 260 हूती सदस्यों को निष्प्रभावी कर दिया गया है। यह सफलता ताइज़ (Taiz) और तुर अल-बाहा (Tur Al-Baha) के मोर्चों पर चलाए गए 97 सटीक सैन्य अभियानों के बाद मिली है। यमीनी सेना ने इन ऑपरेशनों को अंजाम देने के लिए आधुनिक हथियारों और रणनीतियों का खुलकर इस्तेमाल किया।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

इस कार्रवाई में सेना ने निम्नलिखित सैन्य उपकरणों और तरीकों का उपयोग किया:

  • युद्धक विमान और लड़ाकू ड्रोन
  • भारी तोपखाना और मिसाइलें
  • सटीक निशानेबाजी के लिए स्नाइपर दल

इन हमलों में केवल जनहानि ही नहीं हुई, बल्कि हूती बलों के साजो-सामान को भी भारी क्षति पहुंची है। सेना के अनुसार, विद्रोहियों के 44 सैन्य वाहनों और विभिन्न परिवहन तथा आपूर्ति के साधनों को पूरी तरह नष्ट या क्षतिग्रस्त कर दिया गया है।

लगातार तेज हो रहा संघर्ष

यह बड़ी कार्रवाई पिछले दिनों चले अभियानों के सिलसिले की अगली कड़ी है। इससे पहले भी यमीनी सेना ने कई मोर्चों पर बड़े पैमाने पर अभियान चलाए थे, जिससे विद्रोही गुटों को भारी नुकसान का दावा किया गया था। यमीनी सरकार समर्थित बलों द्वारा सना, सादा और ताइज़ जैसे क्षेत्रों में लगातार ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है।

संघर्ष के इस नए दौर ने क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। सीमा पार से होने वाली गतिविधियों और जवाबी हमलों के कारण स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है। हालांकि, इन दावों पर हूती नेतृत्व की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन मैदानी स्तर पर तकरार लगातार बढ़ती जा रही है।

मानवीय संकट गहराया

इस जारी सैन्य संघर्ष का सबसे गंभीर असर आम नागरिकों और देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। लगातार होती हिंसा और आपूर्ति लाइनों के बाधित होने से मानवीय संकट विकराल रूप धारण करता जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, देश की एक बहुत बड़ी आबादी अपनी बुनियादी खाद्य और दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में भी असमर्थ होती जा रही है, जिससे स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।

Share:

Comments

Leave a comment