मनामा डायलॉग में यमन की विदेश मंत्री बोलीं: हूती समुद्री रास्तों को बना रहे दबाव का औजार

यमन की विदेश मंत्री ने चेतावनी दी कि हूती मिलिशिया समुद्री रास्तों को राजनीतिक दबाव का जरिया बना रहे हैं, जिससे वैश्विक व्यापार को खतरा है।

Gautam Sahu3 November 20261 min read0 viewsWorld
मनामा डायलॉग में यमन की विदेश मंत्री बोलीं: हूती समुद्री रास्तों को बना रहे दबाव का औजार

बहरीन: यमन की विदेश मंत्री डॉ. अफ़राह अल-ज़ौबा ने चेतावनी दी है कि हूती मिलिशिया अंतरराष्ट्रीय समुद्री गलियारों को राजनीतिक दबाव बनाने के औजार के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियां वैश्विक नौवहन की सुरक्षा के लिए सीधा और बढ़ता हुआ खतरा हैं, जिसका असर खासकर लाल सागर और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में दिख रहा है।

बहरीन में आयोजित 'मनामा डायलॉग 2026' के दौरान डॉ. अल-ज़ौबा ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों की स्थिरता को यमन की सुरक्षा से जोड़कर देखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक यमन में स्थिरता नहीं आती और वहां की वैध राज्य संस्थाएं पूरी तरह बहाल नहीं होतीं, तब तक क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा को बनाए रखना मुमकिन नहीं है।

समिट के दौरान विदेश मंत्री ने समुद्री यातायात की सुरक्षा के लिए कई देशों के अधिकारियों के साथ रणनीतिक चर्चा की। इसमें मिस्र के विदेश मंत्री बदर अब्देलत्टी के साथ-साथ बहरीन, तुर्की और यूनाइटेड किंगडम के प्रतिनिधियों के साथ परामर्श किया गया।

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यमन सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वह केवल राजनयिक बयानों तक सीमित न रहे। सरकार ने मांग की है कि ईरान द्वारा हूती मिलिशिया को दी जा रही हथियारों की आपूर्ति, वित्तीय मदद और सैन्य विशेषज्ञता को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

डॉ. अल-ज़ौबा ने वैश्विक साझेदारों से खुफिया जानकारी साझा करने के प्रयासों को तेज करने का आग्रह किया ताकि सीमा पार तस्करी करने वाले नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके।

यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब यमन सरकार ताइज़ की घरेलू नाकेबंदी और हूती ऑपरेशंस से पैदा होने वाले क्षेत्रीय सुरक्षा खतरों को लेकर चिंतित है। प्रशासन ने इन गतिविधियों को वैश्विक अर्थव्यवस्था और पड़ोसी संप्रभु देशों के लिए एक बड़ा खतरा बताया है।

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