यूक्रेन पर रूस का बड़ा हमला, राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने अमेरिकी संसद के नए प्रतिबंध कानून का किया स्वागत।

यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स द्वारा पास किए गए नए प्रतिबंध कानून का खुले दिल से स्वागत किया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब रूस ने यूक्रेन के आठ अलग-अलग इलाकों में खतरनाक मिसाइल और ड्रोन से ताबड़तोड़ हमले किए। इन हमलों में कई बच्चों समेत 10 से ज्यादा आम नागरिक बुरी तरह घायल हो गए जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। रूस की इस भयानक कार्रवाई ने एक बार फिर से आम रिहायशी इलाकों और बिजलीघरों को अपना निशाना बनाया जिससे लोगों की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ गई हैं।
अमेरिकी संसद का कड़ा फैसला और नया कानून
वाशिंगटन में अमेरिकी राजनीतिक हलकों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने बुधवार को 262 के मुकाबले 159 वोटों से लिंडसे ग्राहम रूस और ईरान प्रतिबंध अधिनियम को मंजूरी दे दी है। इस नए कानून के तहत रूस के वित्तीय संस्थानों, बड़े नेताओं, अमीर कारोबारियों और तेल निर्यात पर रोक लगाने वाले समुद्री जहाजों के बेड़े को सीधा निशाना बनाया जाएगा। इस कानून के लागू होने के बाद अमेरिकी सरकार को यह अधिकार मिल जाएगा कि वह रूस से तेल और गैस खरीदने वाले या प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक का भारी टैरिफ लगा सकती है। यह महत्वपूर्ण कानून पिछले एक साल से चल रही लंबी बातचीत के बाद तैयार किया गया है।
ऊर्जा ढांचे को भारी नुकसान और ज़ेलेंस्की की अपील
रूस के इन हमलों की वजह से यूक्रेन के Sumy और Odesa क्षेत्रों में बिजली और ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। कीव और ओडेसा के कई इलाकों में आम लोगों के घर तबाह हो गए और भीषण आग लगने की घटनाएं सामने आईं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों से अपील की कि वे रूस पर कूटनीतिक और आर्थिक दबाव को और ज्यादा तेज करें। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि रूस के खिलाफ कड़े आर्थिक प्रतिबंध ही इस युद्ध को रोकने और बातचीत की मेज पर लाने का एकमात्र सबसे बड़ा और असरदार तरीका है। आप इस पूरी जानकारी को आधिकारिक Volodymyr Zelenskyy X Post के जरिए भी देख सकते हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप के पास पहुंचेगा नया बिल
यह महत्वपूर्ण कानून अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास हस्ताक्षर के लिए भेजा जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि इसके कानून बनने से मास्को पर आर्थिक शिकंजा और ज्यादा कस जाएगा। एक तरफ जहां अमेरिका की तरफ से रूस पर शिकंजा कसा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ यूक्रेन के लोग लगातार हो रहे हमलों के बीच अपने टूटे हुए बिजली घरों और घरों को दोबारा ठीक करने के काम में जुटे हुए हैं। यूक्रेन के नेताओं का मानना है कि जब तक रूस पर वैश्विक स्तर पर कड़े प्रतिबंध नहीं लगाए जाएंगे, तब तक इस तबाही को रोकना बहुत मुश्किल होगा और शांति प्रयासों को सफल बनाने के लिए सभी देशों को मिलकर एक मजबूत कदम उठाना ही होगा।